← Diwali Patakha Photo GIF · लेख

WhatsApp पर शुभकामना भेजते समय ध्यान रखें: फ़र्ज़ी लिंक, निजता और सही तरीका

त्योहारों पर WhatsApp पर शुभकामनाओं की बाढ़ आ जाती है। इसी भीड़ का फ़ायदा उठाकर कई धोखेबाज़ फ़र्ज़ी लिंक भी फैलाते हैं। थोड़ी-सी समझदारी से आप ख़ुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।

फ़र्ज़ी लिंक कैसे पहचानें

  • "मुफ़्त इनाम" का लालच: "दिवाली ऑफ़र — मुफ़्त मोबाइल पाएँ", "बड़ी कंपनी दे रही है ₹5000" जैसे संदेश लगभग हमेशा धोखा होते हैं।
  • "10 लोगों को भेजो तब खुलेगा": कोई भी असली शुभकामना या ऑफ़र आपको आगे भेजने के लिए मजबूर नहीं करता।
  • अजीब वेबसाइट का नाम: किसी बड़ी कंपनी के नाम से मिलती-जुलती, पर गड़बड़ स्पेलिंग वाली साइट से सावधान रहें।
  • निजी जानकारी माँगना: अगर कोई पेज आपसे बैंक की जानकारी, OTP, UPI PIN, आधार नंबर या पासवर्ड माँगे, तो तुरंत बंद कर दें।
  • ऐप डाउनलोड करवाना: किसी लिंक से आई अनजान APK फ़ाइल कभी इंस्टॉल न करें।

याद रखें

  • कोई भी बैंक या कंपनी फ़ोन या मैसेज पर OTP या PIN नहीं माँगती।
  • पैसे लेने के लिए UPI PIN डालने की ज़रूरत नहीं होती — PIN सिर्फ़ पैसे भेजने के लिए होता है।
  • धोखा हो जाए तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

अपनी फ़ोटो भेजते समय निजता

  • जिस वेबसाइट पर फ़ोटो लगा रहे हैं, उसकी निजता नीति (Privacy Policy) देख लें कि फ़ोटो कहाँ और कितने दिन रखी जाती है।
  • बच्चों की फ़ोटो सार्वजनिक ग्रुप या अनजान साइटों पर डालने से पहले दो बार सोचें।
  • फ़ोटो में घर का पता, गाड़ी का नंबर या कोई निजी दस्तावेज़ न दिखे, इसका ध्यान रखें।
  • अच्छी साइटें फ़ोटो की लोकेशन (EXIF) जानकारी हटा देती हैं और आपको अपनी बनाई चीज़ हटाने का विकल्प देती हैं।

शुभकामना भेजने का सलीका

  • सौ लोगों को एक जैसा फ़ॉरवर्ड भेजने से अच्छा है कि ख़ास लोगों को उनके नाम के साथ निजी संदेश भेजें।
  • बड़े परिवार या ऑफ़िस ग्रुप में बहुत भारी वीडियो और लगातार कई मैसेज न भेजें।
  • देर रात या बहुत सुबह किसी को कॉल करने की बजाय संदेश छोड़ दें।
  • बुज़ुर्गों के लिए बड़े अक्षरों वाला संदेश या वॉइस नोट ज़्यादा अच्छा रहता है।
  • धार्मिक या राजनीतिक विवाद वाले संदेश त्योहार की ख़ुशी में आगे न बढ़ाएँ।

अंत में

त्योहार का असली मक़सद रिश्तों को जोड़ना है। एक प्यारा, सुरक्षित और निजी संदेश किसी का दिन बना सकता है — और एक लापरवाह क्लिक किसी का नुक़सान करा सकता है। इसलिए ख़ुश रहें, सावधान रहें।